निर्माणाधीन:ओम का नियम
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ओम का नियम (Ohm's Law) के अनुसार किसी प्रतिरोधक के सिरों के बीच उत्पन्न विभवान्तर उससे प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है,यदि ताप, दाब आदि भौतिक अवस्थायें नियत हो।
विद्युत परिपथ मे, यह तीन घटक है।
- धारा, I द्वारा चिह्नित
- विभवान्तर, V द्वारा चिह्नित
- प्रतिरोध, R द्वारा चिह्नित।
उदाहरण: